अंडमान में दंडितों की बस्ती की सुरक्षा के लिए 1858 में ‘सेबंडी कोर’ की स्थापना के साथ ही अंडमान तथा निकोबार पुलिस का इतिहास का शुभारंभ हुआ । इसका पुनर्गठन 1867 में 2 निरीक्षकों 3 प्रधान सिपाहियों, 12 सारजेन्ट तथा 285 सिपाहियों के बल के साथ हुआ ।

History of Andaman Nicobar Policeयह पुलिस प्रणाली पूरी तरह सैनिक संगठन प्रणाली पर आधारित थी जिसमें 75 सिविल सिपाहियों का एक छोटा दल था जो स्थानीय नियमों का पालन और जंगलों में आदिम जनजातियों से कैदियों की रक्षा का काम करता था ।

अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में पुलिस बल का संगठित रूप भारतीय पुलिस अधिनियम, 1961 के संवर्धन के साथ अगस्त, 1875 में स्थापित हुआ और कैप्टन विम्बर्ली पहले जिला पुलिस अधीक्षक नियुक्त हुए । उसी वर्ष पुलिस महानिरीक्षक के कार्य व शक्तियाँ अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के मुख्य आयुक्त को प्रदत्त किया गया।

अपराध तथा अपराधियों से निपटने के लिए 1915 में आरंभ सिविल पुलिस गठित करने के 9 वर्षों प्रयास के बाद 1924 में सिविल पुलिस को सैनिक पुलिस से अलग किया गया । मिस्टर एच.जी.एल. बिग्गी, प्रथम भारतीय पुलिस अधिकारी थे जिन को पुलिस कमांडेट और अधीक्षक के हैसियत से नियुक्त किया गया ।

History of Andaman Nicobar Policeवर्ष 1942 से 1945 तक इन द्वीपों में जापानियों के शासन ने अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के पुलिस व प्रषासनिक ढाँचे को तहस-नहस कर दिया । परिणामस्वरूप 1945 में ब्रिटिश आधिपत्य की पुनः स्थापना के बाद प्रतिनियुक्ति बल के नाम से अधिकारियों और कर्मियों का एक दल उत्तर प्रदेश तथा पंजाब के विषेश सशस्त्र बल से लिया गया ।

श्री एन.एफ. सन्टूक, प्रथम भारतीय पुलिस सेवा के पहले अधिकारी ने ‘स्वतंत्रता के 6 वर्षों के बाद दिनांक 16 जनवरी, 1953 को अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह का कार्यभार संभाला । लेकिन मुख्य आयुक्त पुलिस महानिरीक्षक के पद पर बने रहे । अंडमान तथा निकोबार पुलिस का प्रमुख भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी ही होता था और वर्ष 1963 में संघ शासित प्रदेश दिल्ली, हिमाचल और चंडीगढ़ के लिए अलग दानीप सेवा आरंभ की गई और श्री आर.के. ओहरी, 1965 में पहला पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए और इसके साथ अंडमान तथा निकोबार पुलिस के विस्तार की गाथा आरंभ हुई । आगे कार्यपालक पुलिस को तीन उप मंडलों अर्थात दक्षिण अंडमान, उत्तर अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में विभाजित किया गया। इसके अलावा सशस्त्र्र पुलिस, विषेश सषस्त्र पुलिस, अपराध जाँच विभाग, द्वीप संचार, अग्निशमन सेवा, पुलिस प्रषिक्षण विद्यालय, पुलिस मोटर परिवहन, पुलिस मेरीन बल तथा भारत आरक्षित वाहिनी भी बतौर अलग इकाई स्थापित किए गए ।

पुलिस प्रमुख के पद को वर्ष 2007 में बढ़ाकर पुलिस महानिदेषक के पद पर उन्नत कर दिया गया और इस समय अंडमान तथा निकोबार पुलिस बल की संख्या बल 5008 है जिसमें पुलिस महानिदेशक के कमांड के अधीन भारत रिजर्व बटालियन भी शामिल है और उनकी सहायता के लिए 1 पुलिस महानिरीक्षक, 1 समादेशक, भारत आरक्षित वाहिनी, 7 पुलिस अधीक्षक, 13 पुलिस उप अधीक्षक और 04 सहायक समादेशक, भारत आरक्षित वाहिनी कार्यरत है।

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