Home Guard

  • अण्डमान तथा निकोबार गृह रक्षक संगठन की स्थापना कानून एवं व्यवस्था कार्यें के लिए स्थानीय पुलिस की सहायता करने के लिए स्वैच्छिक बल के रूप में 1965 में किया गया।
  • समादेशक (गृह रक्षक) के रूप में पुलिस अधीक्षक के अधीन कार्यरत है और सहायतार्थ उप पुलिस अधीक्षक है ।
  • गृह रक्षकों की तत्कालीन संख्या बल 792 है जिसमें 325 गृह रक्षक जिन्हें वर्ग घ के अधिसंख्य पद में नियमित किया गया है, शामिल है ।
  • अस्थाई गृह रक्षक स्वंय सेवकी 03 वर्षो के लिए नियुक्ति किया जाता है । गृह रक्षक में नामांकन के लिए आवेदक चौथी उत्‍​र्तीण हो, 18 वर्ष से अधिक लेकिन 50 वर्ष से कम हो ।
  • पहचान पत्र जारी किया गया तथा नियमित गृह रक्षकों को मकान किराया भत्ता बकाया रू.12.44 करोड चुकाया गया
  • गृह रक्षकों की बहुत अधिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 200 अतिरिक्त गृह रक्षक स्वंय सेवियों का सृजन का प्रस्ताव विचाराधीन है ।
  • अक्तूबर 2013 से अण्डमान तथा निकोबार गृह रक्षक संगठन बैचों में नियमित/गैर नियमित गृह रक्षको के लिए पुनश्चर्या/ मूलभूत प्रशिक्षण चलाना आरम्भ कर दिया है । गृह रक्षकों को यू.ए.सी, हथियारों का उपयोग आदि सहित आंतरिक तथा बाहय प्रशिक्षण दिया जाता है । जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल है
        • आपदा तैयारियां
        • खोज और बचाव
        • आग बुझाना
        • बीट ड्यूटी और भीड नियंत्रण
        • प्रथम उपचार
        • सॉफ्ट कौशल विकास
        • घरेलू हिंसा से संबंधित मामले
        • यातायात नियम और उल्लंघन
  • शिविर :- हाल ही में 01.09.2014 से 06.09.2014 तक लोंग आइलैंड में पुलिस उप अधीक्षक (रंगत) के नेतृत्व सप्ताह भर का शिविर आयोजित किया गया जिसमें कुल 19 नियमित तथा 30 अस्थाई गृह रक्षकों ने भाग लिया । उन्हें समुद्री तट की सफाई करवाने पर लगाया गया तथा अग्निशमन उपकरणों का उपयोग, भीड नियंत्रण का मूलभूत ज्ञान, प्रथम उपचार तकनीकी तथा आपदा प्रबंधव आदि के संबंध में तकनीकी ज्ञान दिया गया ।
  • आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम :- आपदा के दौरान स्थिति से निपटने के लिए अधिक तकनीकी से अवगत करवाने हेतु 48 गृह रक्षकों को दिनांक 10/12/2014 से भारत आरक्षित वाहिनी (मुख्यालय), पोर्ट मोट में एन. डी. आर. एफ. के साथ एक महिने का ‘आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम के लिए तैनात किया गया।
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