• पोर्ट ब्लेयर में आप्रवासन का कार्य अंडमान तथा निकोबार पुलिस करती है
  • यह एकक मुख्यतः अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के दौरे पर आने वाले विदेशी पर्यटकों के आप्रवास का कार्य करती है
  • एक विदेशी को अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में आने पर उन्हें प्रथमतः केवल 30 दिनों तक यहाँ रूकने की अनुमति होगी और उसके बाद विदेशी पंजीकरण अधिकारी की स्वीकृति से 15 दिन की अवधि और बढ़ाई जा सकेगी ।
  • आप्रवास विसा विदेशी पंजीकरण और खोज (आईवीएफआरटी) परियोजना के तहत ऑनलाइन फार्म ‘सी’ मोड्यूल को क्रियान्वित कर दिया गया है। ऑनलाइन फार्म‘ सी’ प्राप्त करने के लिए आप्रवासन कार्यालय में सिस्टम स्थापित कर दिया गया है। विदेशी पर्यटक आई.वी.एफ.आर.टी. परियोजना के तहत वीज़ा बढ़ाने, पंजीकरण और अन्य आप्रवासन कार्य के लिए भी ऑनलाइन अनुरोध कर सकते हैं ।
  • यह एकक विदेशी पर्यटक जहाजों और नौकाओं के आप्रवास संबध्ं कार्य भी करता है।
  • पूर्व सूचना या गैर पूर्व सूचना के अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में आने वाले छोटे जहाज और नौकाओं को चाथम द्वीप के निकट आंतरिक बंदरगाह में लंगर डालने की अनुमति दी जाती है ।
  • पत्तन प्रबंध बोर्ड ऐसे जहाजों के आने की सूचना सीमा-शुल्क और आप्रवासन अधिकारी को देता है ।
  • तदानुसार सीमा-शुल्क अनापत्ति और आप्रवासन संबंधी जाँच की जाती है । फॉर्म, अर्थात “पोर्ट ब्लेयर का दौरा करने वाले विदेशियों का विवरण” और “जहाज से उतरने का कार्ड” भरना पर्यटकों के लिए जरूरी है ।
  • मूल दस्तावेज अर्थात पासपोर्ट, वीज़ा और जहाज संबंधी विवरण की जाँच की जाती है और यदि सभी दस्तावेज सही पाया जाता है तो उसके पश्चात ऐसे पर्यटकों को आरम्भ में 30 दिनों के लिए ‘आरक्षित क्षेत्र अनुमति’ प्रदान की जाती है और बाद में वास्तविक मामलों में विदेशी पंजीकरण अधिकारी अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह द्वारा अधिकतम 15 दिनों के लिए इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है । सभी परमिट में शर्तें/प्रतिबंध का उल्लेख है । जिसका पालन किया जाना है ।
  • जहाज के प्रस्थान के समय यह निश्चित हो जाने पर कि नौका में कोई अप्राधिकृत व्यक्ति नहीं है, नौरोहण कार्ड जारी किया जाता है ।

आर.ए.पी.क्या है ?

आर.ए.पी. से अभिप्राय प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट है जो एक विदेशी नागरिक को अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के कुछ क्षेत्रों का दौरा करने का अधिकार प्रदान करता है । अण्डमान तथा निकोबार विदेशी ( प्रतिबंधित क्षेत्र) आदेश 1963, के अधीन सम्पूर्ण संघ राज्य क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है ।

  • पोर्ट ब्लेयर नगरपालिका क्षेत्र, हैवलॉक, लौंग आइलैंड, जनजातीय आरक्षित क्षेत्र (कांस्टेन्स बे से लुइस इनलेट तक 5 कि.मी. दूर - पश्चिमी तट जनजातीय आरक्षित क्षेत्र) को छोड़कर दक्षिण अंडमान तथा मध्य अंडमान का संपूर्ण क्षेत्र, बाराटांग, रंगत, मायाबंदर, डिगलीपुर, नार्थ पैसेज आइलैंड, जनजातीय आरक्षण क्षेत्र को छोडकर लिटिल अंडमान और बोट, होबडे ट्वींस आइलैंड, तारमुगली, मलय और प्लूटो आइलैंड को छोडकर महात्मा गाँधी मेरिन राष्ट्रीय पार्क के सभी द्वीप का दौरा तथा रात में ठहरने की अनुमति है। वे दिन के समय जॉली बॉय, साउथ सिंक आइलैंड, रेड स्किन, माउंट हेरियट, मधुबन, रॉस आइलैंड, नारकोंडम, इन्टरव्यू, ब्रदर, सिस्टर और बैरन द्वीप का दौरा कर सकते हैं (बैरन द्वीप मे तट पर उतरने की अनुमति नहीं है )
  • दो ज्वालामुखी द्वीप बैरन आइलैंड और नारकोंडम द्वीप के संबंध में विदेशी पर्यटकों को केवल बैरन द्वीप में जहाज में जाकर देखने की अनुमति है लेकिन तट पर उतरने की अनुमति नहीं है । इन द्वीपों का दौरा करने वाले पर्यटकों के लिए संघ राज्य प्रशासन मार्गरक्षक प्रदान करेगा । नारकोंडम द्वीप में विदेशी को गोताखोरी और अनुरक्षक-रहित दिन में दौरा करने की अनुमति देने का निर्णय किया गया ।
  • गृह मंत्रालय की अनुमति के बिना बर्मी नागरिकों को मायाबंदर तथा डिगलीपुर दौरे की अनुमति नहीं होगी ।

नौका द्वारा आए पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट के लिए सामान्य शर्ते

    • पोर्ट ब्लेयर नगरपालिका क्षेत्र, हैवलॉक, लांग आइलैंड, जनजातीय आरक्षित क्षेत्र (कांस्टेन्स बे से लुइस इनलेट तक 5 कि.मी. दूर - पष्चिमी तट जनजातीय आरक्षित क्षेत्र) को छोड़कर दक्षिण अंडमान तथा मध्य अंडमान का संपूर्ण क्षेत्र, बाराटांग, रंगत, मायाबंदर, डिगलीपुर, नार्थ पैसेज आइलैंड, जनजातीय आरक्षण क्षेत्र को छोडकर लिटिल अंडमान और बोट, होबडे ट्वींस आइलैंड, तारमुगली, मलय और प्लूटो आइलैंड को छोडकर महात्मा गाँधी मेरिन राष्ट्रीय पार्क के सभी द्वीप का दौरा तथा रात रूकने की अनुमति है। वे दिन के समय जॉली बॉय, साउथ सिंक आइलैंड, रेड स्किन, माउंट हेरियट, मधुबन, रॉस आइलैंड, नारकोंडम, इन्टरव्यू, ब्रदर, सिस्टर और बैरन द्वीप का दौरा कर सकते हैं (बैरन द्वीप मे तट पर उतरने की अनुमति नहीं है )

    • विदेशी नागरिक को निम्नलिखित क्षेत्रों में जाना प्रतिबंधित हैः-
      • निकोबार द्वीपसमूह का सम्पूर्ण क्षेत्र
      • o दक्षिण तथा मध्य अंडमान का जनजातीय आरक्षित क्षेत्र जिसका विस्तार कान्सटेंस बे से लुइस इन्लेट बे 920 34‘ 03‘‘ पूर्वी देशांतर और 110 39’ 52’’ उत्तरी अक्षांश से 920 47’02‘‘ पूर्वी देशांतर और 120 43’02’’ उत्तरी अक्षांश और उच्च ज्वार में समुद्री तट से 05 कि.मी. तक।
      • स्ट्रेट आइलैंड, हरमिन्दर बे तथा डुगांग क्रीक, लिटिल अंडमान के जनजाति आरक्षित क्षेत्र ।
      • महात्मा गांधी, मैरीन राष्ट्रीय पार्क के बोट, होबडे, ट्वीन आइलैंड, तारमुगली, मलय तथा प्लुटो द्वीप ।

    • निम्नलिखित शर्तो पर परमिट वैध होगा :-
      • बर्मी नागरिकों को गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति के बिना मायाबंदर और डिगलीपुर के दौरे की अनुमति नहीं होगी । विदेशी पर्यटकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस क्षेत्र के दौरे के दौरान उनके जहाज में कोई बर्मी नागरिक नहीं है ।
      • श्रीलंकाई, बंगलादेशी, पाकिस्तानी ईरानी, अफगानिस्तानी, सोमालियाई, नाइजिरियाई, इथेपियाई और अल्जेरियाई नागरिकों को प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट जारी नहीं किए जाएंगे । विदेशी जहाजों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन देशों के नागरिक जहाज में सवार नहीं है।
      • पोर्ट ब्लेयर में आगमन/प्रस्थान के समय ही केवल आप्रवास अनापत्ति प्रदान किया जाएगा।
      • जहाजों को वी.एच.एफ.संचार के माध्यम से दिन में दो बार (प्रत्येक 12 घंटे में ) अपनी स्थिति की सूचना पत्तन प्रबंधन, बोर्ड के नियंत्रण कक्ष को देना होगा।
      • आगमन/प्रस्थान से पूर्व सीमा शुल्क और पत्तन प्रबंधन बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र जरूरी है ।
      • सभी रक्षा स्थापना/ क्षेत्र में प्रवेश निषेध है ।
    • प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट के लिए कैसे आवेदन करें और प्राप्त करें
      • विदेशी (प्रतिबंधित) क्षेत्र आदेश, 1963 के तहत अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह का सम्पूर्ण संघ राज्य क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है ।
      • विदेशी पर्यटकों के इस द्वीप के हवाई अड्डा/बंदरगाह में आगमन तथा विवरण भरने के बाद अंडमान निकोबार पुलिस द्वारा वैध यात्रा दस्तावेजों की सामान्य जाँच के बाद अनापत्ति क्षेत्र परमिट जारी करने के लिए आप्रवास औपचारिकताएँ की जाती है ।
      • यह आवश्यक है कि हर एक विदेशी नागरिक के पास वैध पासपोर्ट और भारत का वैध विज़ा हो ।
      • प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट नि:शुल्क जारी की जाती है
      • विदेशी नागरिक के एक बार अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह दौरे पर आने पर अधिकतम 30 दिनों की अवधि तक यहाँ रूक सकता है ।
      • विदेशी पंजीकारण अधिकारी, अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह से अनुरोध किए जाने पर रूकने की अवधि को 15 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है ।
      • विदेशी नागरिक अपनी अपेक्षित अवधि को बढ़ाए जाने के लिए कारण का उल्लेख करते हुए विदेशी पंजीकरण अधिकारी, अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह, पोर्ट ब्लेयर को संबोधित कर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण अंडमान जिला) कार्यालय की पहली मंजिल में स्थित मुख्य कार्यालय में इसे जमा कर सकते है । प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट की अवधि बढाने का फार्म आप्रवास तथा विदेशी शाखा और सभी पुलिस थानों में नि:शुल्क उपलब्ध है । दूरभाष सं. 03192-239247,237793,(फैक्स) और 234472 एक्सटेंशन 358 और 374 है ।
    • किसी भी आपात स्थिति में, क्षेत्र के संबंधित पुलिस थाना से संपर्क किया जा सकता है । दूरभाष सं. इस प्रकार है :-
क्रमांक पुलिस थाना/पुलिस नियंत्रण कक्ष संपर्क सं.
1. पुलिस नियंत्रण कक्ष (पोर्ट ब्लेयर क्षेत्र के लिए ) 100
2. पुलिस थाना हैवलॉक 03192-282405
3. पुलिस चौकी नीलद्वीप 03192-282602
4. पुलिस थाना बाराटांग 03192-279503
5. पुलिस थाना कदमतला 03192-267005
6. पुलिस चौकी लाँग आइलैंड 03192-278611
7. पुलिस थाना रंगत 03192-274239
8. पुलिस चौकी बेटापुर 03192-270111
9. मायाबंदर 03192-273203
10. डिगलीपुर 03192-272223

क्या करें और क्या न करें

क्या करें

  • विदेशी नागरिक को आगमन के तुरन्त बाद में आप्रवास प्राधिकारी से परमिट प्राप्त करना होगा ।
  • आगमन के बाद पासपोर्ट, विजा जैसे वैध यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट जारी किया जाएगा
  • इन द्वीप समूहों में केवल अनुमति दिए गए स्थल का ही दौरा करें ।
  • वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें ।
  • बाई ओर चले और वैध कागजात जैसे लाइसेंस, परमिट, पासपोर्ट आदि साथ रखें।

क्या न करें

  • विदेशी नागरिक बिना वैध परमिट के द्वीपसमूह में प्रवेष न करें
  • आरक्षित/जनजातीय क्षेत्र में प्रवेष न करें ।
  • जनजातीय आरक्षित क्षेत्र के भीतर या देषी जनजातियों के वीडियो, फिल्म या फोटोग्राफी न लें।
  • जनजातियों से बातचीत न करें ।
  • मत्स्य विभाग से विषेश अनुमति लिए बिना समुद्री फैन ओर समुद्री सीप हाथ में न रखें।
  • अनुमति के बिना राष्ट्रीय पार्क में प्रवेश न करें ।
  • विदेशी पंजीकरण अधिकारी के अनुमति के बिना किसी भी विदेशी को जहाज/बोट/नौका में चढने या रात को रुकने की अनुमति नहे है । उत्तर अण्डमान (रंगत और मायाबंदर) जाने वाली सरकारी फेरी का छोड़कर ।

अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में विदेशी पर्यटकों का दौरा विवरण

वर्ष लाइनर/नौका द्वारा आए पर्यटकों की संख्या हवाई जहाज/नौका द्वारा आने वाले पर्यटकों की संख्या आसूचित/चार्टरित हवाई जहाज द्वारा आने वाले पर्यटकों की संख्या आए पर्यटकों की कुल संख्या
2012 3720 13802 20 17542
2013 2724 13777 07 16508
2014 4419 12769 52 17240
2015 3181 11466 27 14674
2016 2639 12822 06 15467
2017 645 14659 06 15310
 31st अक्टूबर, 2018 तक 222 11585 11 11818

अण्डमान तथा निकोबार द्वीप समूह का दौरा किए पर्यटक के जहाज/नौका का विवरण

वर्ष लाइनर/नौका द्वारा पर्यटकों की संख्या पर्यटक नौकाओं की संख्या आसूचित/चार्टरित हवाई जहाजों की संख्या Total
2012 09 68 05 82
2013 05 62 04 71
2014 07 63 15 85
2015 06 44 08 58
2016 08 37 04 49
2017 03 40 02 45
Upto 31st अक्टूबर, 2018 तक 01 41 19 61
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