• द्वितीय विश्व युद्ध से पूर्व अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में अग्निशमन सेवा सैन्य पुलिस द्वारा चलाई जाती थी ।

    Fire Service

    उनके पास अल्प मात्रा में अग्निशमक यंत्र तथा उपकरण थे । ब्रिटीश द्वारा पुन: इन द्वीपों में कब्जा करने के बाद अग्निशमक पुलिस विभाग को सौंप दिया गया तथा इसे संचालित करने के लिए पुलिस लाइन में 01 प्रधान सिपाही के अधीन 02 महिला प्रधान सिपाही, तथा 12 पुलिस सिपाही के साथ एक टुकड़ी का गठन किया गया । उस समय टुकड़ी के पास केवल दो ट्रेलर पम्प तथा एक दमकल था । सन् 1950 तक यह टुकड़ी ऐसे ही चलता रहा । सन् 1950 में अग्निशमन को अबरडीन में स्थानान्तरित किया गया । सन् 1952 में अग्निशमन सेवा में बलों की संख्या को बढ़ाया गया । वर्ष 1957 में अग्निशमन केन्द्र चाथम की स्थापना की गई । सन् 1965 के दौरान निरीक्षक का एक पद सृजित किया गया तथा कुछ और उपकरण खरीदे गए । वर्ष 1961 में अग्निषमन केन्द्र मेरीन जेट्टी की स्थापना हुई । वर्तमान समय में इन द्वीपों में कुल 23 अग्निशमन केन्द्र हैं और आधुनिक अग्निशमक उपकरणों से लैश हैं ।
  • बड़े अग्नि दुर्घटनाः- विम्बर्ली गंज- 1955, जंगलीघाट- 1959, न्यायालय भवन-1970, कृषि कार्यालय तथा भण्डार भवन- 1972, अबरडीन बाजार- 1974, अबरडीन बाजार-1998
  • अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह में अग्निशमक सेवा मुख्य अग्निशमक अधिकारी, पुलिस अधीक्षक (अग्निशमक), पुलिस महानिरीक्षक (कानून एंव व्यवस्था) के नियंत्रण और पर्यवेक्षण में एक अलग एकक के रूप में कार्यरत है और इसका विभागाध्यक्ष पुलिस महानिदशेकक, अंडमान तथा निकोबार द्वीपसमूह है ।

Fire Service

  • यह चालू वर्ष (08.11.2018 तक) 233 अग्नि से संबंधित काॅल, 237 विशेष काॅल में उपस्थित होकर सेवा प्रदान किया ।
  • चालू वर्ष (08.11.2018 तक) में रू. 23,184,643/- (अनुमानित) के लागत की सम्पति का नुकसान हुआ ।
  • चालू वर्ष (08.11.2018 तक) में रू. 1,204,212,179/- (अनुमानित) के लागत की सम्पति को नष्ट होने से बचाया गया।
  • अंडमान तथा निकोबार पुलिस अग्निषमन सेवा द्वारा प्रदान की गई सेवा -
      • फायर काॅल
      • किसी आपदा/आपात काल मंे सबसे पहले सेवा प्रदानकर्ता
      • विशेष सेवा काॅल

‘‘जीवित रहने के लिए सुरक्षा सुझाव’’

क्या करें:

जब कभी आगजनी की कोई घटना घटित होती है, हमेशा याद रखिए कि समय बहुत कीमती है और हर एक पल का महत्व है । निम्न सुझावों का अनुकरण करें ।

  • शान्त रहें, दहशत न फैलाएं और न ही वहाँ से भागने का प्रत्यत्न करें ।
  • अलार्म बजाएं और अपने परिसर के हर एक व्यक्ति को सावधान कीजिए
  • पहले खुद को बचाएं और फिर मदद के लिए पुकारे
  • नजदीकी उपलब्ध मार्ग का उपयोग करें
  • अहाता छोड़ते समय, यदि संभव हो अपने पीछे की खिड़की- दरवाजा बंद कर दें लेकिन यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि कोई पीछे न छूटा हो और आप सुरक्षित है
  • केवल बचाव मार्गों का इस्तेमाल करें क्योंकि इसे इसी प्रयोजन के लिए बनाया गया है।
  • सीढ़ी का इस्तेमाल करें ‘‘लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें ’’
  • यदि आप बंद दरवाजे की ओर चले जाते हैं तो और दरवाजे की ऊपरी हिस्से, दरवाजे की घुंडी और दरवाजे, और दरवाजे के फ्रेम के बीच की दरार में महसूस करने के लिए अपने हाथ की पिछले हिस्से का उपयोग कर यह सुनिश्चित कर लें कि दूसरी ओर आग नहीं है। यदि गर्मी महसूस होता है तो दूसरे बचाव रास्ता का उपयोग करें । यदि दरवाजा ठंडा लगाता है बावजूद इसके इसे ध्यानपूर्वक खोलें, दरवाजे के सामने अपने कंधे को कस लें और धीरे-धीरे खोलें । यदि गर्मी और धुआँ निकलता है तो दरवाजे को जोर से बंद कर दें और यह सुनिश्चित कर लें कि दरवाजा बंद हो गया है तब दूसरा बचाव मार्ग का प्रयोग करें।
  • यदि धुआँ भरे क्षेत्र में फँस जाते हैं तो नीचे लेट जाइए और अपने नाक को फर्श के नजदीक ले जाइए और रेंगते हुए निर्गम द्वार की ओर बढ़िए ।
  • यदि आप अपने कमरे में फँस जाते हैं तो दरवाजे को बंद करिए और किसी प्रकार के छिद्र जिससे धुआँ या लपट अंदर आ सकती हैं, उसे बंद कर दें । खिड़की से बचाव के लिए बचाव दल के साथ साथ अन्य को पुकारिए ।

क्या न करें:-

  • किसी अग्नि दुर्घटना स्थल पर खड़ा न रहे, हमेशा र्धुआॅ में नीचे से रेंगते हुए निकले और र्मूॅह को बंद रखें ।
  • किसी भी कारण से जलते मकान में दुबारा प्रवेश न करें ।
  • बच्चों को समझाए कि फायरमैन से अपने आपको न छिपाएं । यदि कोई लापता है तो फायरमैन को बताइए । वे उसे सुरक्षा पूर्वक बचाकर लाने के लिए सक्षम है ।
  • बंद अग्नि एवं र्धुआॅ रोधित दरवाजों को न खोले जो कि आग और धुएं को फैलने से रोकते है।
  • सीढ़ी, काॅरीडोर और कक्षों में कोलाहल न मचाएँ क्योंकि यह आपके बचने के मार्ग है ।
  • अग्नि दुर्घटना के समय लिफ्ट का प्रयोग न करें । हमेशा सीढ़ी का ही प्रयोग करें।
  • सामान एकत्र करने के लिए न रूकें ।
  • चिल्लाएं अथवा भागे नहंीं इससे दूसरे लोग भयभीत हो सकते हैं।

अग्निशमक के प्रकार

क्रमांक अग्निशामक के प्रकार श्रेणी आग में शामिल सामग्रियाँ आपदा क्षेत्र अग्निशमन की पद्धति चेतावनी
1. जल CO2 जैव ठोस अर्थात लकड़ी कागज, कपड़ा आदि कार्यालय, अस्पताल थियेटर बैंक रेस्तराँ आदि अंतवर्धन ठंडा करता है श्रेणी ‘‘क’’ के गहरी आग को भी चालू बिजली उपकरण का प्रयोग न करें
2. यांत्रिक फेना (ए.एफ.एफ.एफ) ज्वलनशील तरल पेट्रोल भंडारण डिपो, पेइंट और ज्वलनशील तरल पदार्थ का निर्माण इकाई जलते तरल के उपर फोम का एक चादर डाले जो आक्सीजन आपूर्ति रोकता है। चालू बिजली उपकरण का प्रयोग न करें
3. कार्बन-डाई-आक्साइड (CO2) ख,ग ज्वलनशील तरल, गैस और बिजली उपकरण पेट्रोल भंडार डिपो, पेइंट तथा ज्वलनशील तरल का निर्माण इकाई नजदीक से आग के आधार पर छिड़के ।(CO2) भारी होने के कारण नीचे बैठ जाता हैं और आक्सीजन आपूर्ति को रोक देता है। सीमित स्थान में कार्बनडाई आॅक्साइड श्वासावरोध का कारण बन सकता है । आग बुझाने के बाद उस स्थान में हवा आने दें ।
4. सूखा रसायन पाउडर (डी.सी.पी.) ख,ग ज्वलन शील तरल और गैस एल.जी.पी. का भंडारण क्षेत्र ऐसीटिलीन पेट्रोल, औद्योगिक विलायक और विद्युत उपकरण दहन कडी के साथ रासायनिक रूप से बाधा डालना चाहिए बंद स्थल में इसका प्रयोग न करें क्योंकि पाउडर का धुंधलापन दृष्यता को बाधित करता है
5. ए.बी.सी. पाउडर (प्रेषर टाइप) क,ख,ग जैव ठोस ज्वलनशील तरल और गैस खुला भण्डार जेनरेटर कक्ष, ऊष्मा उपचार, गैस दहन कडी के साथ रासायनिक रूप से बाधा डालता है। बंद स्थल में इसका प्रयोग न करें क्योंकि पाउडर का धुंधलापन दृष्यता को बाधित करता है।

अंडमान तथा निकोबार पुलिस अग्निशमन सेवा द्वारा आयोजित पाठ्यक्रम

क्रमांक पाठ्यक्रम का नाम पाठ्यक्रम/प्रषिक्षण का लाभ
1. फायरमैन तथा मुख्य फायरमैन, अनुचर सिपाही आदि के लिए बुनियादी प्रशिक्षण सम्भाव्य घटना के सामय ड्यूटी करने हेतु अग्निशमन तकनीक, आपदा तैयारी की जानकारी देने हेतु
2. अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए पुनष्चर्या पाठ्यक्रम आधुनिक परिष्कृत उपकरणों का प्रयोग और अनुरक्षण पर अद्यतन जानकारी और विद्यमान अग्निशमन तकनीक में सुधार की जानकारी।
3. सरकारी कर्मचारी/नागरिकों/छात्रों आदि को अग्निशमन प्राथमिक उपचार किसी प्रकार की अग्नि दुर्घटना से बचने के लिए
4. सेवाकालीन अग्निशमन कर्मियों को चिकित्सा प्राथमिक उपचाार का प्रशिक्षण किसी आपात काल के दौरान चोट लगे रोगी का उपचार और समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए ।
5. बेरोजगार/स्कूल छोड़ चुके छात्रों को एन.सी.वी.टी. के तहत सहायक अग्निशामक पाठ्यक्रम कराना उद्योग, होटल, निजी स्थापनाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना

अंडमान और निकोबार द्वीप फायर सर्विस नियमन, 2015

पाठ्यक्रम अनुसूची

अग्निषमन अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए मानदण्ड

अग्नि शमन केन्द्रों से संपर्क करें ।

S.No Fire Station Phone Number
1. अग्निशमन नियंत्रण कक्ष 03192-232101
03192-232107
03192-232325
2. अग्निशमन केन्द्र अबरडीन 03192-232301
3. अग्निशमन केन्द्र मेरीन 03192-232227
4. अग्निशमन केन्द्र चाथम 03192-232295
5. अग्निशमन केन्द्र हैडो 03192-233685
6. अग्निशमन केन्द्र गाराचारमा 03192-251604
7. अग्निशमन केन्द्र बम्बूफ्लाट 03192-258011
8. अग्निशमन केन्द्र फरारगंज 203192-66099
9. अग्निशमन केन्द्र हैवलॉक 03192-282400
10. अग्निशमन केन्द्र कदमतला 03192-267188
11. अग्निशमन केन्द्र बकुलतला 03192-277515
12. अग्निशमन केन्द्र रंगत 03192-274334
13. अग्निशमन केन्द्र बिल्लीग्राउण्ड 03192-270818
14. अग्निशमन केन्द्र मायाबंदर 03192-273285
15. अग्निशमन केन्द्र डिगलीपुर 03192-272333
16. अग्निशमन केन्द्र हट बे 03192-241097
17. अग्निशमन केन्द्र आर.के.पुर 03192-238344
18. अग्निशमन केन्द्र कार निकोबार 03192-265252
19. अग्निशमन केन्द्र तरेसा 03192-294008
20. अग्निशमन केन्द्र कच्छाल 03192-295252
21. अग्निशमन केन्द्र कमोर्टा 03192-263040
22. अग्निशमन केन्द्र कैम्पबेल बे 03192-264239
23. अग्निशमन केन्द्र नील द्वीप 03192-282522, 03192-202232
24. अग्निशमन केन्द्र बाराटांग 03192-200210
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