प्रविष्टि औपचारिकताओं

विदेशियों (प्रतिबंधित क्षेत्र) आदेश,1963 के तहत अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह प्रतिबंधित क्षेत्र हैं, सक्षम प्राधिकारी से परमिट प्राप्त किए बिना कोई विदेशी द्वीपों में प्रवेश नहीं कर सकते हैं या नहीं रह सकते हैं। वर्तमान प्राधिकरण सक्षम प्राधिकारी से प्रतिबंधित क्षेत्र अनुमति प्राप्त करने के तीस दिनों के बाद निम्नलिखित स्थानों पर जा सकते हैं।

अण्डमान निकोबार द्वीपसमूह की यात्रा के लिए सभी विदेशी नागरिकों को एक परमिट (आरएपी-प्रतिबंधित एरिया परमिट) की आवश्यकता है, जो कि पोर्ट ब्लेयर में आगमन या 30 दिनों तक वैध वीजा की उपलब्धता के आधार पर आप्रवासन अधिकारियों से जहाज पर आसानी से उपलब्ध है। अनुमति के साथ कुछ मामलों में यह 15 दिनों के लिए बढ़ाई जा सकती है और अनुमति देने के लिए प्रत्यायोजित प्राधिकरण है पुलिस अधीक्षक, एफआरओ / सीआईडी, पोर्ट ब्लेयर।

प्रतिबंधित क्षेत्रीय परमिट भी विदेशों में भारतीय मिशनों और नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में विदेशी पंजीकरण पंजीकरण कार्यालयों से और नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के हवाई अड्डे पर आप्रवासन अधिकारियों से प्राप्त किया जा सकता है।

NOTE:-

1. अण्डमान निकोबार द्वीपसमूह (प्रतिबंधित क्षेत्र) का दौरा करने के लिए, विदेश मामलों के विदेश मंत्रालय की मंजूरी के लिए विदेश राजनयिकों और संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा राजनयिक (डी) / आधिकारिक (ओ) या यूएन अधिकारी (यूडी) वीजा / पासपोर्ट।

2. विदेशी पत्रकार, टीवी पत्रकार आदि जैसे विदेशी पत्रकार पहले से ही भारत में स्थित हैं (वीजा टाइप जे), जो अण्डमान निकोबार द्वीप समूह की यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें विशेष अनुमति के विदेश मामलों के मंत्रालय (बाहरी प्रचार विभाग) के माध्यम से आवेदन करने की सलाह दी जाती है, अन्य बातों के साथ, प्रस्तावित यात्रा की तारीख और उद्देश्य की। इन आवेदनों से संबंधित एजेंसियों के परामर्श से संसाधित किया जाएगा और गृह मंत्रालय द्वारा एक परमिट जारी या अधिकृत किया जा सकता है।

3. अफगानिस्तान, चीन और पाकिस्तान के नागरिक और पाकिस्तानी मूल के विदेशी नागरिकों को अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह यात्रा करने के लिए गृह मंत्रालय के पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक है|

आरएपी फॉर्म और सामान्य दिशानिर्देश

  • कृपया फॉर्म भरने के लिए आरएपी फॉर्म और सामान्य दिशानिर्देश डाउनलोड करें, जो ई-मेल आईडी पर विदेशी पर्यटकों द्वारा प्रस्तावित यात्रा से कम से कम एक दिन पहले आव्रजन अधिकारी, पोर्ट ब्लेयर को भेजा जा सकता है: यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.  यहां क्लिक करे  

दिन और रात की यात्रा की अनुमति

  • नगरपालिका क्षेत्र, पोर्ट ब्लेयर
  • हैवलॉक द्वीप
  • लॉन्ग आइलेंड
  • नील द्वीप
  • डिगलीपुर
  • मायाबंदर
  • रंगत

सिर्फ दिन का दौरा

  • जॉली बॉय
  • रेड स्किन
  • साउथ सिंक
  • माउंट हररीत
  • मधुबन

2. कुछ दिनों से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के अधिक स्थानों को खोलने का प्रस्ताव भारत सरकार के विचाराधीन था। अब यह निर्णय लिया गया है कि अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में निम्नलिखित अतिरिक्त स्थानों को पर्यटको के लिए खोला जाएगा :-

दिन और रात का दौरा के लिए खुले स्थान

जनजाति आरक्षित क्षेत्र को छोड़कर पूरे मध्य अण्डमान द्वीप

बोट, होडबे, ट्विन आइलैंड्स, तारमुगली, मलाय और प्लूटो का छोड़कर (संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन को विशेष अनुमति पर इन द्वीपों में रात को ठहर सकते हैं।) महात्मा गांधी समुद्री राष्ट्रीय पार्क में सभी द्वीप ।

जनजाति आरक्षित क्षेत्र को छोड़कर पूरे दक्षिण अण्डमान द्वीप

बाराटांग द्वीप

नार्थ पासेज द्वीप

जनजाति आरक्षित क्षेत्र को छोड़कर लिटिल अण्डमान द्वीप

सिर्फ दिन के समय दौरा के लिए खुले स्थान

  • रॉस आइलैंड
  • नरकोंडम द्वीप
  • इंटरव्यू द्वीप
  • ब्रदर आइलैंड
  • सिस्टर आइलैंड
  • बैरन द्वीप : दौरा जहाज पर ही रुकने की अनुमति है, तट पर उतरने की अनुमति नही है ।

3.विदेशी पर्यटकों को गृह मंत्रालय के दिनांक 30.06.92 के परिपत्र सं. 15011/14/91एफ आई द्वारा जारी दिशा निर्देशों के शर्तों के अनुसार अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के खुले क्षेत्रों में घुमने की अनुमति है । जो इस प्रकार है :-

  • दौरा करने वाले दल अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के मुख्य वन्यप्राणी संरक्षक द्वारा मनोनित मार्गदर्शक के साथ दौरा करेंगे तथा पार्क क्षेत्र में आचार संहिता का पालन करना होगा ।
  • पर्यटकों को प्रवेश शुल्क का भुगतान करना होगा । राष्ट्रीय उद्यान संहिता का उल्लंघन के मामले में अण्डमान तथा निकोबार द्वीप प्रशासन द्वारा उल्लंघन करने वाले पर जुर्माना लगाया जाएगा ।
  • द्वीपों में घाट (जेटी) या स्थाई ढाँचा बनाने की अनुमति नही होगी । सींक या भोजन बनाने की अनुमति नही होगी । सिर्फ शौचालय के लिए स्थानीय सामग्रियों से छप्पर बनाने की अनुमति होगी । ईंट या गारा से निर्मिंत कुटिया बनाने की अनुमति नही होगी । कुटिया में छाँव के लिए कुटिया से झुकाव दिया जा सकता है ।
  • वन को किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए परिणत नही किया जाएगा । होटल आवास आदि जैसे स्थाई ढाँचों की अनुमति नही होगी । आई.डी.ए मार्गदर्शन का सख्ति से पालन करना होगा तथा तटवर्ती क्षेत्र विनियम का अक्षरश: पालन करना होगा । पालन करना होगा ।
  • छोटे बोट या तल काँच वाले बोट (ग्लास बोटम बोट) द्वारा मरीना पार्क क्षेत्र का दौरा में पाबंदी है । इस क्षेत्र में तेल के रिसाव की अनुमति नही है ।
  • निर्धारित क्षेत्रों में स्कूबा डाइविंग और अन्तर्जलीय फोटोग्राफी की अनुमति है, लेकिन मेरीना पार्क स sमूँगा, मछली या कोई अन्य चीजों को निकालने की अनुमति नही है ।
  • इस संबंध में प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट जारी करने वाले अभिकरण “मुख्य वन्यप्राणी रक्षक, अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के आधार पर” शब्द का समावेश करेगा ।
  • माऊँट हैरियट और मधुबन के द्वीपों का दौरा करने वाले विदेशियों को अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह के वन्यप्राणि प्रतिनिधि से परामर्श कर अण्डमान तथा निकोबार प्रशासन द्वारा नियंत्रित किया जाएगा ।
  • अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह प्रशासन द्वारा पर्यटन यातायात को नियमित करते वक्त पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा ।
  • दो ज्वालामुखी द्वीपों, बैरन द्वीप और नारकॉन्डम द्वीप के संबंध में विदेशी पर्यटकों को बैरन द्वीप में जहाज में जाने की ही अनुमति है, तट पर उतरने की अनुमति नही है । संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन द्वारा इन द्वीपों के दौरा करने वाले पर्यटकों के लिए मार्गरक्षक प्रदान करेगा । नारकॉन्डम द्वीप के संबंध में यह निर्णय लिया गया है कि यह विदेशी पर्यटकों के लिए तैराकी और मार्गरक्षक के बगैर दिन का दौरा के लिए खोला जाएगा ।
  • बर्मी नागरिकों को गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति के बिना मायाबंदर और डिगलीपुर का दौरा करने की अनुमति नही होगी ।

4.आगे यह भी निर्णय लिया गया कि वर्तमान में प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी ही जारी रहेगा, अर्थात् :-

  • विदेशों के सभी भारतीय मिशन और पद
  • एफ.आर.आर.ओ दिल्ली, कोलकोत्ता और मुम्बई
  • मुख्य आव्रजन अधिकारी, चेन्नई.
  • आप्रवासन अधिकारी, पोर्ट ब्लेयर

प्रवास अवधि

5.आगे यह भी निर्णय लिया गया कि विदेशी पर्यटकों को निर्धारित शर्तों के आधार पर उपरोक्त स्थानों का दौरा करने की अनुमति दी जाएगी । अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में रहने की कुल अवधि 30 दिनों की होगी। यह अवधि को भारत सरकार द्वारा अण्डमान तथा निकोबार प्रशासन प्रत्यायोजित षक्तियों के अनुसार 15 दिन और बढ़ाया जा सकता है । इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, दक्षिण अण्डमान जिला सक्षम प्राधिकारी है ।

भारतीय नागरिकों को अण्डमान का दौरा करने के लिए किसी प्रकार की परमिट की आवश्यक्ता नही है । तथापि अण्डमान तथा निकोबार द्वीपसमूह में जनजातीय क्षेत्रों का दौरा करने पर प्रतिबंध है ।.

top