मुद्रण

विदेशी पर्यटक, व्यापार, स्वास्थ्य चिकित्सा, रोजगार, योग अध्ययन, वेद कला, भारतीय नृत्य और संगीत पद्धति, अनुसंधान और अन्य प्रयोजनों के लिए भारत का दौरा करते है । भारत का दौरा करने वाले प्रत्येक विदेशी के पास वैध पासपोर्ट और विदेशों में स्थित भारतीय मिशन द्वारा उनके नाम से जारी विसा हो । विदेशों में स्थित भारतीय मिशन द्वारा विदेशियों के लिए पर्यटन विसा और अन्य प्रकार विसा जारी किया जाता है । भारत में आने वाले विदेशी नागरिकों के पास वास्तविक और वैध राष्ट्रीय पासपोर्ट या कोई अन्य अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यात्रा दस्तावेज जिसमें उनकी राष्ट्रीयता दर्शाता हुआ तथा विदेशी का फोटोग्राफ लगा हुआ हो। यदि नेपाल और भूटान नागरिक क्रमश: नेपाल और भूटान सीमा से जमीन या वायु मार्ग द्वारा भारत में प्रवेश करते है तो उनके लिए पासपोर्ट की आवश्यकता नही है । तथापि उन्हें प्राधिकृत पहचान साक्ष्य रखना होगा । और यदि वे अपने देश के अलावा किसी अन्य स्थान से प्रवेश करते हैं तो उनके पास उनके राष्ट्रीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है ।

विदेशियों द्वारा पंजीकरण के लिए सामान्य अनुदेश

 

विदेशियों द्वारा पंजीकरण के लिए सामान्य अनुदेश

 

भारत का दौरा करने वाले विदेशी नागरिकों का पंजीकरण

विनियम

पंजीकरण के लिए अपेक्षित दस्तावेज

विसा के मामले में राज्य सरकार/संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन/एफआरआरओ/एफआरओ को शक्तियों का प्रत्यायोजन

महत्वपूर्ण सूचना

कहाँ पंजीकरण करें

विविध सेवाओं से संबंधित पंजीकरण

विदेशी नागरिकों के लिए अपेक्षित पंजीकरण

विसा का पंजीकरण के लिए प्रस्तुत प्रमाणपत्र

विसा की अवधि बढ़ाने की आवश्यकताएं

विसा की अवधि बढ़ाने के लिए प्रस्तुत की जाने वाली दस्तावेज

विसा का पंजीकरण के लिए प्रस्तुत प्रमाणपत्र

प्रवेश (X) विसा धारक विदेशियों के लिए सूचना

एफआरआरओ को प्रत्यायोजित शक्तियां

आॅनलाइन पंजीकरण

कोई भी विदेशी नागरिकों को आवास प्रदान करने वाले होटल/गेस्ट हाऊस/धर्मशाला/व्यक्तिगत घर/विश्वविद्यालय/अस्पताल/ संस्था/अन्य आदि को फार्म सी में उनके यहां रुके हुए विदेशी नागरिकों का विवरण उनके परिसर में पहुँचने के 24 घण्टे के भीतर पंजीकरण प्राधिकारी को देना होगा । इससे पंजीकरण प्राधिकारियों को विदेशी नागरिकों का पता लगाने और खोज निकालने में सहायता मिलेगी । यह दस्तावेज होटल/गेस्ट हाऊसा/धर्मशाला /व्यक्तिगत घर/विश्वविद्यालय/अस्पताल/संस्था/अन्य आदि मालिकों के लिए फार्म ग पंजीकरण प्रक्रिया का व्यावहारिकता प्रदान करता है ।

फार्म ग

एफएसआईएस (विदेशी छात्र सूचना प्रणाली) का उपयोग भारतीय संस्थानों में दाखिल विदेशी नागरिकों की सूचना प्राप्त करने के लिए किया जाता है । विदेशी छात्रों को विविध पाठ़यक्रमों में दाखिला देने वाले भारत के सभी शैक्षिक संस्थानों को सर्वप्रथम उनका पंजीकरण करवाना अनिवार्य है । सक्षम प्राधिकारी अर्थात् संबंधित एफआरआरओ/एफआरओ द्वारा उनके यूसर आईडी अनुमोदन करने के बाद ही उक्त संस्थान एफएसआईएस में विदेशी छात्र के विवरण भरने में सक्षम होगा ।

फार्म ढ

भारतीय मूल के विदेशी

भारतीय मूल के व्यक्ति (पीआईओ)

भारतीय विदेशी नागरिक (ओसीआई) कार्ड धारकr

पंजीकृत भारतीय विदेशी नागरिकोें के लिए भारतीय विदेशी नागरिक विविध सेवाएं

पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की बाध्यता

प्रत्येक पंजीकृत विदेशी को किसी भी पंजीकरण अधिकारी, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी (प्रधान सिपाही के रैंक से नीचे का न हो) द्वारा निरीक्षण हेतु पंजीकरण प्रमाणपत्र की मांग करने पर चौबीस घण्टों (पर्याप्त कारण बताने पर इसे बढ़ाया जा सकता है) के भीतर प्रस्तुत करना होगा । यदि पंजीकरण अधिकारी, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी, जो निरीक्षक पद से नीचे का न हो का मत है कि विदेशी द्वारा प्रस्तुत पासपोर्ट या पहचान के अन्य दस्तावेज पहचान का पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नही किया है और पंजीकरण प्रमाणपत्र में फोटोग्राफ या अंगुली के निशान नही है, उन्हें पासपोर्ट आकार का 04 फोटोग्राफ, उनके अंगुल के निशान/हस्ताक्षर के चार पूर्ण सेट, जिसमें से एक को पंजीकरण प्रमाणपत्र में लगाया जाएगा। अंगुली के निशान/हस्ताक्षर पंजीकरण अधिकारी की उपस्थिति में की जाएगी तथा प्रत्येक सेट को उनके द्वारा साक्ष्यांकित किया जाएगा । प्रत्येक पंजीकृत विदेशी को किसी भी पंजीकरण अधिकारी, मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी, प्रधान सिपाही के रैंक से नीचे का न हो द्वारा मांग करने पर चैबीस घण्टों के भीतर, जिसे विदेशी द्वारा पर्याप्त कारण बताने पर इसे बढ़ाया जा सकता है को विनिर्दिश्ट स्थान पर पासपोर्ट या उनके पहचान के ऐसे अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा । भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक विदेशी को पंजीकरण अधिकारी द्वारा मांग करने पर उनके पासपोर्ट या पहचान के अन्य साक्ष्य उस अधिकारी के सुपुर्द करना होगा तथा पंजीकरण अधिकारी द्वारा उनको पासपोर्ट को वापस लिए जाने के लिए निर्देशित समय और स्थान पर उपस्थित होना होगा और इसके लिए वे पंजीकरण अधिकारी से रसीद प्राप्त करने का हकदार होंगे ।

पंजीकृत पता में बदलाव:

विसा का पंजीकरण हेतु आवेदन जमा करने के समय विदेशी को भारत में उनका पता बताना होगा जिसे पंजीकृत पता के रूप में जाना जाएगा । जब कभी भी विदेशी अपना आवास बदलते है तो उन्हें इसकी सूचना विदेशी पंजीकरण अधिकारी तथा उनके नए आवास के विदेशी पंजीकरण अधिकारी को भी देनी होगी । जाँच रिपोर्ट के आधार पर उनके पंजीकरण दस्तावेजों को नई विदेशी पंजीकरण अधिकारी को अग्रेशित किया जाएगा । उनके पुराने पते पर लौट आने की स्थिति में उनके वापस आने की तारीख विदेशी पंजीकरण अधिकारी को सूचित करना होगा । इसके बाद कोई बदलाव करते हो तो इसकी सूचना पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी ।

पता के अलावा अन्य बदलाव की सूचना

प्रत्येक विदेशी को उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज विवरणों की यर्थाथता में किसी भी प्रकार का बदलाव होने पर उस परिस्थिति के घटित होने के चौदह दिनों के भीतर जिला के पंजीकरण अधिकारी जहाँ पर उनका पंजीकृत पता स्थित है को सूचित करना होगा और सामान्यता प्रमाणपत्र की यथार्थता को बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी सूचना पंजीकरण अधिकारी को देना होगा ।

पंजीकरण प्रमाणपत्र की अनुलीपि

यदि इन नियमों के तहत जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र घुम हो जाता है या नष्ट हो जाए तो विदेशी, जिनके लिए यह जारी किया गया है को उनके पंजीकृत पता के जिला के पंजीकरण अधिकारी को उस परिस्थिति की रिपोर्ट जिसमें यह खो गया है या नष्ट हो गया के साथ पंजीकरण प्रमाणपत्र की अनुलिपि जारी करने के लिए लिखित आवेदन जमा करना या भेजना होगा ।

होटल चालकों को सूचित करना होगा

प्रत्येक होटल चालक को उनके होटल में आने वाले प्रत्येक आगुंतकों से उनके होटल में आगमन पर इस प्रयोजन के लिए रखे होटल रजिस्टर में उनके नाम और राष्ट्रीयता से संबंधित आवष्यक विवरण दर्ज करवाना और हस्ताक्षर करवाना अपेक्षित है और यदि ऐसे आगुंतक विदेशी हो तो आगे निम्नलिखित अपेक्षित है -

क) ऐसे होटलों में उनके आगमन पर उक्त रजिस्टर के मद सं. 4 से 10 में विनिर्दिष्ट अन्य विवरण भरवाएं और

ख) ऐसे होटल से प्रस्थान के समय प्रस्थान के तारीख और समय तथा जहाँ जा रहा है का पता जैसे आवश्यक विवरण उक्त रजिस्टर में इंदराज करना होगा ।

निर्धारित होटल रजिस्टर पंजीयन अधिकारी, किसी मजिस्ट्रेट या कोई पुलिस अधिकारी जो प्रधान सिपाही के रैंक से नीचे का न हो द्वारा निरीक्षण के लिए मांगे जाने पर हमेशा उपलब्ध करवाना होगा ।

होटल के संचालक या आगुंतक के हस्ताक्षर को छोड़कर प्रत्येक विवरण जो उक्त रजिस्टर में दर्ज करना होता है को होटल संचालक द्वारा अंग्रेजी या भारतीय भाषा में दर्ज करना होगा ।

यह होटल संचालक की जिम्मेदारी है कि यदि आगुंतक अनुरोध करते है तो उन्हें ऐसे करने की आवश्यकता समझाएं ।

होटल संचालक विदेशी के आगमन के बाद जितनी जल्द हो लेकिन चौबीस घण्टों से अधिक नही फार्म ग (फार्म ग की प्रति किसी भी पंजीयन अधिकारी से आवेदन दे कर प्राप्त किया जा सकता है) पूरी भरकर भेजेगा ।

यह होटल संचालक की जिम्मेदारी है कि यदि आगुंतक अनुरोध करते है तो उन्हें ऐसे करने की आवष्यकता समझाएं ।

होटल संचालक विदेषी के आगमन के बाद जितनी जल्द हो लेकिन चैबीस घण्टों से अधिक नही फार्म ग (फार्म ग की प्रति किसी भी पंजीयन अधिकारी से आवेदन दे कर प्राप्त किया जा सकता है) पूरी भरकर भेजेगा ।

(क) ‘‘होटल’’ में बोर्डिंग हाऊस, क्लब, डाकबंगला, रेस्ट हाऊस, पेईंग गस्ट, सराय या इस प्रकार के अन्य परिसर शामिल है ।

(ख) ‘‘होटल संचालक’’ से अभिप्रेत वह व्यक्ति जिसके पास होटल का प्रबंधन हो और संचालक द्वारा प्राधिकृत कोई भी व्यक्ति शामिल है जो होटल संचालक का कार्य निष्पादन के लिए सक्षम हो ।

(ग) ‘‘हस्ताक्षर’’ में आगुंतक के संबंध में जो लिख नहीं सकते, अंगूठे का निशान या अन्य निशान जिसे दस्तावेज को साक्ष्यांकित करते हो शामिल है और

(घ) ‘‘आगुंतक’’ से अभिप्रेत वह व्यक्ति जिसे होटल में आवास उपलब्ध करवाया हो ।

घर को कब्जे में लेने की सूचना

यदि कोई विदेशी पर्यटक किराये पर मकान पर कब्जा करते है तो मकान मालिक की जिम्मेदारी है कि कब्जा में लेने के चौबीस घण्टों के भीतर इसका विवरण संबंधित पुलिस प्राधिकारी को दें । विदेशी यह सुनिश्चित कर लें कि मकान मालिक पुलिस प्राधिकारी को सूचित कर दिया है । ओडिसा का दौरा करने वाले सभी विदेशियों को उपर्युक्त नियमों और विनियमों का पालन करना होगा तथा उपर्युक्त शर्तों का उल्लंघन और निर्धारित समय से अधिक ठहरते है तो इसे अपराध माना जाएगा तथा भारत में प्रचलित संबंधित नियमों के अनुसार दण्डित किया जाएगा ।

पासपोर्ट और विसा का गुम हो जाना

यदि किसी विदेशी पासपोर्ट सदा के लिए गुम हो गया हो तो चोरी के मामले में इसकी सूचना नजदीकी पुलिस थाना में देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट प्राप्त करना होगा तथा यदि गुम हो गया हो तो प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा । विदेशियों को भारत में उनके मिशन से नई पासपोर्ट/आपात प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा । भारत छोड़ने से पहले विदेशी को आप्रवासन अधिकारी, पोर्ट ब्लेयर से बाहर जाने की अनुमति प्राप्त करना होगा ।

विसा की अवधि बढ़ाना

पर्यटन विसा की अवधि नही बढ़ाई जा सकेगी । इसलिए पर्यटकों (विदेशी) को विसा की वैधता समाप्त होने की तारीख या उससे पहले भारत छोडना होगा । तीन माह की अवधि वाले पर्यटन विसा को विदेशी पंजीयन अधिकारी द्वारा और तीन महिने के लिए बढ़ाया जा सकता है, बशर्तें उन्हें अपेक्षित शुल्क का भुगतान करना होगा । तथापि आपात स्थिति में राज्य सरकार 15 दिनों तक की अवधि बढाया जा सकता है ।

विसा सेवा

आप्रवासन विसा विदेशी पंजीकरण और खोज

विसा का परिवर्तन

विदेशी, जो भारत में पर्यटन विसा में आते है को पर्यटन विसा को किसी भी अन्य प्रकार के विसा में रूपांतरण नही कर सकते है और पर्यटन को छोड़कर किसी भी अन्य क्रियाकलाप में शामिल नही हो सकता ।

निर्धारित अवधि से अधिक ठहराव

विदेशियों द्वारा निर्धारित अवधि से अधिक ठहराव की स्थिति में विदेशी अधिनियम 1946 के तहत अभियोजन चलाया जा सकता है और जुर्माना के साथ 5 वर्ष तक कारावास और भारत से निकाला जा सकता है ।

प्रस्थान पर पंजीकरण प्रमाण पत्र का समर्पण

सभी विदेशी जो अंततः भारत से प्रस्थान करना चाहते है को पंजीकरण प्रमाणपत्र उनके पंजीकरण स्थान या जहाँ से वह प्रस्थान कर रहा है के पंजीयन अधिकारी या भारत से अंतिम रूप से प्रस्थान के बंदरगाह या चैकी में आप्रवासन अधिकारी के सुपुर्द करना होगा । यदि प्रमाणपत्र बहिर्गमन के बंदरगाह या चैकी के अप्रवासन अधिकारी के सिवाय किसी के सुपुर्द करते है तो ऐसे दस्तावेजों का समर्पण दर्शाता हुआ प्रमाणपत्र लेकर अन्ततः भारत छोड़ने पर अप्रवासन अधिकारी को दिखाना होगा । यदि विदेशी पंजीयन अधिकारी द्वारा विदेषियों को जारी पंजीकरण दस्तावेज वैद्य हो तो वह संबंधित पतन प्राधिकारियों को पक्का टिकट दिखाकर भारत छोड़ सकता है (पतन में पंजीयन दस्तावेज सुपुर्द करने के बाद)।

आप्रवास से संबंधित मामले