Crime Prevention

कम्प्यूटर अपराध की संख्या के बारे में और उससे पीड़ित को हुए आर्थिक हानि का किसी प्रकार का विश्वसनीय आंकड़ा नहीं है क्योंकि इनमें से अधिकतर अपराध के बारे में पीडि़त को जानकारी नहीं होती है और कई अपराधों के बारे में प्राधिकारियों को शिकायत नहीं की जाती और होने वाले हानि के बारे में गणना करना मुश्किल होता है । उपभोक्ताओं को इंटरनेट से लाभ तो होता है परंतु साथ-साथ धोखाधड़ी और छल की भी गुंजाइष बनी रहती है । इंटरनेट के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले अवसरवादी होते है। जो नई तकनीक के कार्यक्षमता का प्रयोग करने में सबसे आगे रहते है । इंटरनेट धोखाधड़ी का मामला नहीं है परंतु संभाव्य मार्केट का आकार, आसानी और कम लागत से और जिस गति से यह घोटाला किया जा सकता है इसमें काफी अधिक बढ़ोत्तरी हुई है इस भाग में कम्प्यूटर से होने वाले अपराध से बचाव के लिए कुछ जानकारियाँं दी जा रही है जिसमंे निजी कम्प्यूटर की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के साथ-साथ साइबर अपराध से सुरक्षा भी शामिल है ।

कम्प्यूटर अपराध होने का कारण

  • विशिष्ट पहचान संख्या और पासवर्ड बांटना
  • किसी दूरस्थ क्षेत्र से अप्राधिकृत रूप से जानकारियाँ प्राप्त करना ।
  • सुरक्षा प्रणाली को तोड़ देना
  • प्रत्यक्ष रूप से कमजोर सुरक्षा
  • कम्प्यूटर में कमजोर सुरक्षा प्रणाली
  • उचित उपयोग का दुरूपयोग
  • वाइरस इत्यादि या असंतुष्ट कर्मचारी या प्रतिभागी द्वारा सोच समय कर क्षति पहुंचाना
  • जब कम्प्यूटर का प्रयोग करने वाले कर्मचारी के अवकाश पर या स्थानांतरण हो जाने पर कम्प्यूटर की सुरक्षा प्रणाली को नहीं बदला जाना चाहिए ।
  • उचित सुरक्षा के तहत आंकडों के फाइल को न रखा जाना ।.

रोकथाम के लिए कुछ उपाय

  • कम्प्यूटर प्रणाली के फेल हो जाने पर उचित प्रक्रिया का विकास करना और उसका कार्यान्वयन
  • प्रयोग के बाद अनावश्यक जानकारी हटा दें
  • विशिष्ट पहचान संख्या और पासवर्ड किसी अन्य को न बताएं
  • नियमित अंतराल में पासवर्ड बदले
  • डायल-अप सुविधा के प्रयोग पर निरंतर निगरानी रखें ।
  • डाटा कर्मचारी के नियंत्रण के लिए प्रक्रिया का कार्यान्वयन
  • उपकरण और डिस्क का प्रत्यक्ष सुरक्षा

हैकिंग, कम्प्यूट्रीकृत धोखाधड़ी और अन्य कम्प्यूटर अपराध

‘‘हैकर’’ एक सक्षम प्रोग्रामिंग विषेषज्ञ होता है जो अपनी विशेषज्ञ होता है जो अपनी विशेषज्ञता और अनुभव अन्य हैकरों के साथ बांटने में विश्वास रखता है । हैकर सोच समझकर आंकड़ों को बिगाड़ने या चुराने का कार्य नहीं करता है यह आपके क्रेडिट कार्ड से आॅनलाइन खरीदे गए स्टोर्स से आपके कार्ड की संख्या का पता कर सकता है या आपके कम्प्यूटर से जानकारियाँ लेकर अवैध गतिविधियों के लिए आपके आई.एस.पी. अकाउंट का प्रयोग कर सकता है जैसे बच्चों की अश्लील चित्र या वीडियों का वितरण ।

किस तरह हम हैकर को अपने कम्प्यूटर से जानकारियाँ लेने से रोक सकते हैं।

  • केवल विश्वसनीय स्त्रोत से फाइल डाउनलोड करें
  • अपने कम्प्यूटर में अप्राधिकृत प्रयोग को रोकने के लिए फायरवाल का प्रयोग करें ।
  • अपने कम्प्यूटर में अच्छी वाइरस नियंत्रण प्रोग्राम इनस्टाल करें और कम से कम प्रत्येक सप्ताह, वाइरस की सूचना देने वाले फाइलों को अपडेट करें ।
  • अपने कम्प्यूटर के हार्ड डिस्क में पासवर्ड, बैंक या वित्तीय संबंधित लेखा संख्या या निजी और गोपनीय सूचनाएँ न रखें ।
  • उपर्युक्त सूचनाएँ रिमुवेबल डिस्क में रखें (फ्लाॅपी या ज़िप डिस्क)

वाइरस

आसान शब्दों मंे कहे तो वाइरस ट्रोजन या वाॅर्म एक छोटा प्रोग्राम होता है जो एक या अधिक कम्प्यूटर या नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया जाता है वाइरस, वाॅर्म या ट्रोजन को आपके कम्प्यूटर से सूचनाएँ लेकर किसी अन्य व्यक्ति को भविष्य में उपयोग करने के लिए सूचना देने हेतु भी बनाया जा सकता है । उदाहरण के लिए आपके क्रेडिट कार्ड की सूचना, पासवर्ड या अन्य सुरक्षा संबंधित कोड ।

यदि आपके कम्प्यूटर में इसमें से किसी भी तरह का लक्षण है तो आपका कम्प्यूटर में वाइरस हो सकता है ।

  • क्या आपका कम्प्यूटर स्टार्ट होने में अचानक से अधिक समय लेता है? क्यो प्रोग्राम का आकार में बदलाव होता रहता है ?
  • क्या आपके डिस्क स्पेस में स्पेस की कमी हो जाती है ?
  • क्या 32 बिट एरर का संदेश आता रहता है ?
  • आपका कम्प्यूटर बूट अप न हो रहा हों । फाइलों के नाम अजीब तरह से है । या बदल जाते हैं । आप बिना फ्लाॅपी स्टार्टअप डिस्क के बूट किए अपने हार्ड डिस्क तक नहीं पहुँच पा रहे हैं।
  • आपके कम्प्यूटर CMOS सेटिंग बदल जाते है और आपका नया CMOS बैटरी है । आपका कम्प्यूटर ऐसा ई मेल भेज रहा है जो आपने नही लिखा है ।
  • आपके कम्प्यूटर में अजीब तरह की चीजे हो रही हो जैसे जब कोई कंप्यूटर का प्रयोग न कर रहा हो उस समय CD ROM का खुलना और बन्द हो जाना ।
  • अपने बच्चों के इंटरनेट गतिविधि पर नज़र रखें । बच्चों द्वारा प्रयोग सभी साइट की जांच करें ।

आॅनलाइन सुरक्षित रहने के लिए कुछ जानकारियाँ

  • किसी भी अपरिचित ईमेल पर या वेब में दिख रहे पोस्टिंग पर कभी धन न भेजे । आकर्षक प्रस्ताव वाले पोस्ट रखने वाले किसी भी व्यक्ति से न मिले
  • व्यक्तिगत रूप से मिलने से छल कपट करने वाले व्यक्ति को यह अवसर मिल जाएगा कि वह आप पर खरीदारी के लिए दबाव डाले या आपको लूट ले
  • यदि आप अपने ई मेल के लिए आॅनलाइन पहचान बनाते है तो अस्पष्ट पहचान बनाए । अपने प्रोफाइल में व्यक्तिगत सूचनाएँ न दें ।
  • यदि आपको संदिग्ध या धमकी भरे ई मेल मिले तो आपके ISP या स्थानीय कानून प्रधिकारी को सूचित करें ।
  • ऐसे किसी ईमेल के जवाब से सावधन रहे जो आपको लगे कि आपने नहीं भेजा है।
  • ऐसे किसी ईमेल से सावधान रहे जिसमें भेजने वाले का पता आपकी जानकारी से सही हो परंतु ईमेल कि सामग्री भेजने वाले के व्यक्तित्व से मेल न खाता हो ।
  • ऐसे संदेश के शीर्षक पर ध्यान दे जिसमे सेंडर और प्रोवाइडर के बीच फर्क दिखाई दे। यदि आप ईमेल में गोपनीय या संवेदन याश्संवेदनशील सूचनाएँ भेज रहे हैं तो केवल एन्स्कृप्शन साॅफ्टवेयर लेकर प्रयोग करें ।
  • धोखाधड़ी करने के उ्देश्य से बनाए गए वेबसाइट कुछ दिनों के लिए ही दिखाई देते हैं जिससे उन्हें खोजना संभव नहीं होता है ।
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